
T20 World Cup 2026 का पहला हफ्ता खत्म होते-होते एक बात साफ हो गई हैक्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के तो लगते ही रहते हैं, लेकिन इस बार के टी20 वर्ल्ड कप में जो असली ‘धमाका’ हुआ है, वो खिलाड़ियों ने नहीं बल्कि फैंस ने किया है। आईसीसी की ताज़ा रिपोर्ट देखोगे तो चक्कर खा जाओगे! ऐसा लग रहा है जैसे आधी दुनिया बस मोबाइल चिपकाए बैठी है। और इसमें सबसे ऊपर नाम आ रहा है हमारे पड़ोसी देश नेपाल का।
नेपालियों ने मचाया असली ‘हड़कंप’
सच कहूँ तो इस बार नेपाल के फैंस ने जो जज्बा दिखाया है, उसने बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया। इंटरनेट पर आईसीसी के कंटेंट को देखने वाले नेपालियों की संख्या में 442% की बढ़ोतरी हुई है। भाई साहब, ये कोई छोटा-मोटा आंकड़ा नहीं है! इंग्लैंड के खिलाफ जब नेपाल की टीम लड़ रही थी, तो नेपाली कमेंट्री सुनने वालों की इतनी भीड़ उमड़ी कि सारे सर्वर गरम हो गए। नेपाल के साथ-साथ यूएई और अमेरिका वाले भी पीछे नहीं हैं, वहां भी क्रिकेट का बुखार तेज़ी से चढ़ रहा है।
मोबाइल पर ही सिमट गया वर्ल्ड कप
अब वो जमाना गया जब लोग सिर्फ टीवी के आगे बैठते थे। अब तो सारा खेल मोबाइल पर है। आईसीसी ऐप को इस्तेमाल करने वाले लोग 83% बढ़ गए हैं और वीडियो देखने वालों की तो चांदी हो गई है—करीब 65 करोड़ व्यूज! मतलब साफ़ है, लोग ऑफिस में हों या बस में, वर्ल्ड कप का एक भी पल छोड़ना नहीं चाहते।
वानखेड़े में पैर रखने की जगह नहीं!
भले ही लोग मोबाइल पर मैच देख रहे हों, लेकिन स्टेडियम का शोर भी कम नहीं हुआ है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जब भारत और अमेरिका का मैच हुआ, तो करीब 29 हजार लोग पागलों की तरह चिल्ला रहे थे। ओपनिंग वीकेंड पर ही डेढ़ लाख से ज्यादा लोग स्टेडियम पहुँच गए। चेन्नई हो या कोलंबो, हर जगह फैंस का ऐसा मेला लगा है कि देख कर मज़ा आ जाए।
जापान और जर्मनी वाले भी देख रहे हैं क्रिकेट?
यकीन नहीं होता, लेकिन इस बार आईसीसी ने हिंदी और नेपाली जैसी भाषाओं में जो कमेंट्री शुरू की, उसने खेल ही बदल दिया। अब सिर्फ इंडिया या पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि जापान, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों के लोग भी क्रिकेट देख रहे हैं। क्रिकेट अब सच में पूरी दुनिया का खेल बनता जा रहा है।
ये सब देखकर एक बात तो तय है—क्रिकेट अब सिर्फ एक खेल नहीं रह गया, ये एक इमोशन बन चुका है। नेपाल के फैंस ने जो प्यार दिखाया है, उसने साबित कर दिया कि खेल के लिए दिल बड़ा होना चाहिए



