अपने बयान में उन्होंने मौजूदा राजनीति के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि गहन समीक्षा के बाद एक नए राष्ट्रीय विकल्प की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि एक “समर्पण मिशन” के रूप में पेश किया, जिसमें देश सेवा, न्याय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
चंडीगढ। पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। Navjot Kaur Sidhu ने एक नए राजनीतिक दल के गठन का ऐलान कर दिया है, जिसका नाम “भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी” रखा गया है। खास बात यह है कि यह घोषणा किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए शांत तरीके से की गई, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह कदम रणनीतिक रूप से सोच-समझकर उठाया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि उनके पति Navjot Singh Sidhu इस घोषणा के समय उनके साथ नजर नहीं आए। फिलहाल वे क्रिकेट कमेंट्री में व्यस्त हैं, जिससे राजनीतिक विश्लेषक इस नए दल में उनकी सक्रिय भूमिका को लेकर कयास लगा रहे हैं।
अगर राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो नवजोत कौर सिद्धू पहले पंजाब सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रह चुकी हैं और Indian National Congress में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। ऐसे में उनका अलग राजनीतिक मंच बनाना इस बात का संकेत है कि वे मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से अलग एक वैकल्पिक विचारधारा पेश करना चाहती हैं।
अपने बयान में उन्होंने मौजूदा राजनीति के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि गहन समीक्षा के बाद एक नए राष्ट्रीय विकल्प की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि एक “समर्पण मिशन” के रूप में पेश किया, जिसमें देश सेवा, न्याय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
विश्लेषण के तौर पर देखें तो यह कदम पंजाब की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में पहले से ही कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल सक्रिय हैं। हालांकि, इस नई पार्टी की वास्तविक ताकत, संगठनात्मक ढांचा और जनसमर्थन आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा।




