
अगर आप कभी सोचकर देखते हैं कि MLA बनने पर कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती होंगी, तो जवाब है—काफी ज्यादा! दिल्ली विधानसभा के एक विधायक को हर महीने करीब 90 हजार रुपये से ऊपर का पैकेज मिलता है। इसके साथ बिजली-पानी के बिल, ट्रैवल, इलाज और कई तरह की सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त या फिर रियायत पर मिलती हैं।
दिल्ली के विधायकों को मिलने वाली सैलरी और भत्ते राज्य सरकार द्वारा तय किए जाते हैं। इसमें बेसिक सैलरी के साथ कई जरूरी खर्चों का अलग-अलग भत्ता शामिल है। चुनाव क्षेत्र में काम करने, जनता से मिलने, दफ्तर चलाने और आने-जाने जैसी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ये सुविधाएं दी जाती हैं।
दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के आंकड़ों के हिसाब से, एक MLA को हर महीने 30,000 रुपये वेतन मिलता है। इसके अलावा, 25,000 रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 15,000 रुपये सेक्रेटेरियल असिस्टेंस, 10,000 रुपये यातायात भत्ता और 10,000 रुपये टेलीफोन सुविधा दी जाती है। कुल मिलाकर यह रकम 90,000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाती है।
इसके अलावा MLA को 1,500 रुपये प्रतिदिन का दैनिक भत्ता मिलता है, जो हर साल अधिकतम 40 दिन तक दिया जाता है। एक बार MLA बनने पर उन्हें 1 लाख रुपये की एकमुश्त राशि भी मिलती है, ताकि वे कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर या मोबाइल जैसे जरूरी उपकरण खरीद सकें।
सिर्फ यही नहीं—इलाज भी पूरी तरह मुफ्त! सभी सरकारी अस्पतालों व पैनल हॉस्पिटल में मेडिकल सुविधाएं विधायक और परिवार को मिलती हैं।
विधायक के कार्यकाल के बाद भी फायदा बंद नहीं होते। एक पूर्व MLA को 15,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, और जितने साल वे अतिरिक्त सदस्य रहे हों, हर साल के लिए 1,000 रुपये और मिलते हैं। परिवार के लिए भी पेंशन की व्यवस्था है, जो पति/पत्नी और बाद में आश्रित बच्चों को मिलती है।
बिजली और पानी के बिल पर 4,000 रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है। इसके अलावा, भारत में यात्रा करने पर हर साल 1 लाख रुपये तक का रिम्बर्समेंट खुद या परिवार के सदस्यों के लिए दिया जाता है।
MLA के दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए 30,000 रुपये प्रतिमाह भी मंजूर किए जाते हैं।
कुल मिलाकर, विधायक बनने के बाद सैलरी के साथ एक लंबी सूची सुविधाओं की मिलती है, जो जनता के बीच उनकी जिम्मेदारियों को संभालने में उनकी मदद करती हैं।




