नेपाल में अचानक बाढ़ कैसे आई? बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक लापता। भारत मदद के लिए मैदान में उतरा।

0
80

नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 162 लोगों की मौत हुई है, जबकि 468 के आसपास लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ का असर सिर्फ आबादी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नेपाल के सड़क और संपर्क नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। करीब 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह जाने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी बाढ़ की चपेट में आई हैं। कई वाहन तेज बहाव में बह गए,जबकि नेपाल सेना ने प्रभावित क्षेत्रों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक लापता
चिंता की बात ये है कि लापता लोगों में बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी बताई जा रही है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, 133 भारतीय पर्यटकों समेत 468 पर्यटक संपर्कविहीन हैं। नेपाल की इस आपदा का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों पर भी नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रशासन को अलर्ट किया गया है और गंडक, नारायणी तथा कोसी नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार भी हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक भारत की HADR और मेडिकल सहायता काठमांडू पहुंच चुकी है। ऐसे में अब सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने की है

अचानक कैसे आई बाढ़ ?
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।नेपाल के विदेश मंत्री ने शुरुआत में कहा था कि भूस्खलन से कुछ समय पहले तिब्बत-नेपाल सीमा पर भूकंप की ख़बर मिली थी। इससे संकेत मिला कि भूकंप की वजह से शायद ये आपदा आई, लेकिन अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के विश्लेषण में कहा गया है कि वहां कोई भूकंप नहीं आया था। अब सवाल उठ रहा हैं कि भूस्खलन की वजह क्या थी। बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा उत्तरी नेपाल के कस्बों की ओर बह गया।इनमें पर्वतारोहियों और तीर्थयात्रियों के बीच लोकप्रिय इलाक़े भी शामिल हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here