
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और सभी के चहेते ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। सोमवार, 24 नवंबर को उन्होंने अपनी आख़िरी सांस ली। उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते पिछले दिनों उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें जुहू स्थित उनके घर ले जाया गया, जहां उन्होंने अपने अंतिम दिन परिवार के साथ बिताए।
धर्मेंद्र के जाने से फ़िल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में गहरा शोक है। सनी देओल और बॉबी देओल ने पिता का अंतिम संस्कार किया। हेमा मालिनी हाथ जोड़कर मीडिया के सामने आईं, जबकि अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान समेत कई सितारे उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताते हुए कहा कि यह “एक युग का अंत” है।
धर्मेंद्र के दुनिया से जाने के बाद उनके जीवन के कई किस्से भी याद किए जा रहे हैं। उन्हीं में से एक उनकी पहली मोहब्बत की कहानी है, जिसे उन्होंने खुद मज़ेदार अंदाज़ में ‘दस का दम’ शो पर सुनाया था। बचपन में उन्हें अपने रिश्तेदार के गांव में एक लड़की हमीदा से प्यार हो गया था। पहली मुलाक़ात में ही दिल हार बैठे धर्मेंद्र ने बताया था कि वे दोनों एक-दूसरे को बस नज़र भरकर देखते थे, लेकिन कभी कुछ कह नहीं पाए। शर्मीलापन इतना था कि अपने दिल की बात भी नहीं बता सके।
उन्होंने बताया था कि हमीदा उनके स्कूल टीचर की बेटी थी—वह आठवीं में पढ़ती थीं और धर्मेंद्र छठी में। बचपन की वही मासूम पसंद उनकी यादों में हमेशा बसी रही। उन्होंने हमीदा की याद में एक कविता भी लिखी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान विभाजन ने दोनों को हमेशा के लिए अलग कर दिया। हमीदा अपने परिवार के साथ सिंध चली गईं और धर्मेंद्र भारत में रह गए। समय बीता, ज़िंदगी आगे बढ़ी—उन्होंने प्रकाश कौर और बाद में हेमा मालिनी से शादी की, परिवार बढ़ा—but पहला प्यार अपने दिल में हमेशा जिंदा रहा।
धर्मेंद्र अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं—पहली पत्नी प्रकाश कौर, बच्चे सनी, बॉबी, विजेता और अजीता देओल, और हेमा मालिनी व उनकी बेटियां ईशा और अहाना देओल।
फिल्मों में उनका योगदान अमर रहेगा और उनके जाने का दर्द लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।



