T20 World Cup 2026: “घमंड तो रावण का भी नहीं रहा…” यह कहावत आज ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम पर एकदम सटीक बैठती है। 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद में वर्ल्ड कप जीतने के बाद मिचेल मार्श की वो तस्वीर—जिसमें वो वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर पैर रखकर बैठे थे—शायद ऑस्ट्रेलिया के पतन की पहली इबारत थी। आज 2026 में, जब यह टीम जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसी टीमों से पिटकर वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर है, तो पूरी दुनिया इसे ‘कर्मा’ का नाम दे रही है।
2023 की वो ‘काली तस्वीर’ और शमी का दर्द
जब करोड़ों भारतीयों के लिए वो गोल्ड ट्रॉफी ‘आस्था’ का प्रतीक थी, तब मिचेल मार्श के लिए वो महज धातु का एक टुकड़ा थी। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने तब कहा था कि यह व्यवहार “बेहद आहत करने वाला” है। पोंटिंग के दौर में ऑस्ट्रेलिया अजेय थी, लेकिन उस टीम में खेल के प्रति एक ‘मर्यादा’ थी। 2023 की जीत के बाद पैट कमिंस और मार्श की इस ब्रिगेड में जीत का उन्माद (Arrogance) साफ दिखने लगा था।
2026 का ‘हॉरर शो’: जब जिम्बाब्वे ने उतारा भूत!
2026 टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया का जो हाल हुआ, उसने पोंटिंग और स्टीव वॉ की विरासत को शर्मसार कर दिया है। जिम्बाब्वे जैसी टीम ने 169 रन बनाए और जवाब में ‘कंगारू’ 146 पर ढेर हो गए। पावरप्ले में 29 रन पर 4 विकेट गिरना यह बताता है कि इस टीम के पास अब वो ‘मानसिक मजबूती’ नहीं रही, जिसके लिए ऑस्ट्रेलिया जाना जाता था।
लंका दहन: 104/0 से 181 ऑल-आउट
श्रीलंका के खिलाफ मैच ने तो हद ही कर दी। ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने 104 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। लगा कि आज तो रनों का सैलाब आएगा, लेकिन फिर हुआ ‘कोलेप्स’। अगले 10 विकेट सिर्फ 77 रन पर गिर गए। स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बाहर बिठाना और स्पिनर्स को कम आंकना मैनेजमेंट की वो भूल थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया।
“अब सब भगवान भरोसे” — कप्तान मिचेल मार्श
कल तक दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाने वाला कप्तान आज कह रहा है कि “सुपर-8 में पहुँचना अब भगवान के हाथ में है।” सोशल मीडिया पर फैंस मजे ले रहे हैं। मीम्स की बाढ़ आ गई है कि— “जिस ट्रॉफी पर पैर रखा था, आज उसी वर्ल्ड कप में पैर टिकाने की जगह नहीं मिल रही।




