
मुंबई BMC चुनाव की सुगबुगाहट के बीच मुंबई की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिली है। देश के सबसे अमीर नगर निगम, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर कब्ज़ा जमाने की होड़ तेज़ हो गई है। इसी क्रम में बीजेपी ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए मुंबई में चार नए महासचिवों की नियुक्ति की है।
बीजेपी की मुंबई इकाई के अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने ये नियुक्तियां की हैं। नई टीम में राजेश शिरवाडकर, गणेश खापरकर, आचार्य पवन त्रिपाठी और श्वेता पारुलेकर शामिल हैं। यह कदम स्पष्ट करता है कि पार्टी आगामी BMC चुनाव के लिए अपनी ज़मीनी पकड़ मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गई है।
बीएमसी के चुनाव संभावित रूप से जनवरी 2026 में होने वाले हैं. इसको लेकर सत्तारूढ़ दलों के साथ-साथ विपक्षी दल भी जोरदार तैयारियों में लगे हैं. महायुति एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कह रही है तो महाविका अघाड़ी के सहयोगी दल अलग-अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. कांग्रेस एमवीए से अलग अकेले अपने दम पर बीएमसी चुनाव में उतर सकती है. वहीं, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. शरद पवार की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने घोषणा की थी कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने का प्लान बना रही है.समान विचारधारा वाली बात से साफ है कि कांग्रेस राज ठाकरे के साथ नहीं जाना चाहती और इसी नाराजगी के चलते उद्धव ठाकरे के साथ भी गठबंधन में चुनाव नहीं लड़ना चाहती.
वहीं, महायुति की स्थिति स्पष्ट है कि बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी, तीनों साथ मिलकर ही बीएमसी चुनाव के मैदान में उतरेंगे.




