स्पेन के बार्सिलोना की 25 वर्षीय नोएलिया कास्टिलो ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) के जरिए अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर ली। 2022 में आत्महत्या के प्रयास के बाद वह लकवाग्रस्त हो गई थीं और लगातार शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेल रही थीं।
2024 में उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति मिल गई थी, लेकिन उनके पिता ने मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए अदालत में इसका विरोध किया। यह मामला करीब 18 महीनों तक चला और अंततः यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।
नोएलिया ने कहा था कि वह “शांति से इस दर्द को खत्म करना” चाहती हैं। इस मामले ने स्पेन में इच्छामृत्यु कानून और नैतिकता पर नई बहस छेड़ दी है।




