मुख्यमंत्री सेहत योजना: 2.44 लाख मरीजों को कैशलेस इलाज, 316.50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च

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चंडीगढ़: पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत गंभीर और महंगी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत अब तक प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में 2,44,468 कैशलेस उपचार किए जा चुके हैं। इन उपचारों पर सरकार की ओर से 316.50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। योजना के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा लाभ क्रॉनिक किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को मिला है। अब तक 1,87,656 क्रॉनिक हीमोडायलिसिस सत्र कराए जा चुके हैं, जिन पर 30.65 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई है। इसके अलावा 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी और 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी भी योजना के तहत की गई हैं।

सीजेरियन डिलीवरी से लेकर हृदय सर्जरी तक इलाज

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत महिलाओं को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार 9,317 कैशलेस सीजेरियन डिलीवरी कराई गई हैं। वहीं हृदय संबंधी उपचारों में 8,734 मरीजों की PTCA के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी और 554 मरीजों की CABG सर्जरी की गई है। इसके अलावा किडनी स्टोन के इलाज के लिए 5,770 PCNL प्रक्रियाएं, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी और 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट भी योजना के तहत कवर किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. बलबीर सिंह ने क्या कहा?

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के मुताबिक किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता केवल लाभार्थियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि कितने परिवारों को आर्थिक संकट के बिना समय पर इलाज मिल पाया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज में भी मरीजों को आर्थिक सहायता मिल रही है।जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।

किन इलाजों में मिला सबसे ज्यादा लाभ?
1,87,656 क्रॉनिक हीमोडायलिसिस सत्र
17,698 गॉल ब्लैडर सर्जरी
10,751 नी रिप्लेसमेंट
9,317 सीजेरियन डिलीवरी
8,734 PTCA व एंजियोग्राफी
554 CABG सर्जरी
5,770 PCNL प्रक्रियाएं

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