नई दिल्ली: NEET- UG पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन करने वाली संस्था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को फिर से अल्टीमेटम दिया है. संगठन का स्पष्ट कहना है कि अगर आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज FIR तुरंत रद्द नहीं की गईं और हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों को रिहा नहीं किया गया, तो वे एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे. सीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए केंद्र पर वादे से मुकरने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान यह तय हुआ था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक या पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसके बावजूद पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन देने वाले वालंटियर्स और छात्रों को परेशान किया जा रहा है और उन पर निगरानी रखी जा रही है.
सीजेपी की प्रमुख मांगें
सीजेपी ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांग रखी थी. जिसके तहत प्रदर्शनकारी छात्रों और सहयोगियों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल प्रभाव से वापस लेने, गिरफ्तार किए गए सभी युवाओं को बिना शर्त रिहा करने और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या राज्य पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस मामले में किसी तरह का नया केस दर्ज न करना शामिल है.
मंगलवार तक लिखित आश्वासन की मांग
संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक इस पूरे समझौते से जुड़ी लिखित कॉपी साझा नहीं की जाती है और दी गई गारंटियों पर अमल नहीं होता, तो वे पुन: धरना देने पर मजबूर होंगे. बता दें नीट मुद्दे पर 20 जून से जारी यह प्रदर्शन 36 दिनों तक चला था, जिसमें पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी 26 दिनों तक अनशन पर रहे थे. केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई वार्ता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य मांग पर सहमति बनने के बाद संगठन ने अपना प्रदर्शन स्थगित कर दिया था. CJP का कहना है कि उन्होंने सरकार की बातों पर भरोसा करके कदम पीछे खींचे थे. अब यदि सरकार अपनी बात से पीछे हटती है, तो यह देश के उन लाखों युवाओं के साथ वादाखिलाफी होगी, जिन्होंने लोकतंत्र और संवाद की प्रक्रिया में विश्वास जताया था.




