अमृतसर में पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, आईएसआई के 3 जासूस गिरफ्तार

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अमृतसर में पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, आईएसआई के 3 जासूस गिरफ्तार
अमृतसर में पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम, आईएसआई के 3 जासूस गिरफ्तार

सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल विशेष अभियान चलाया और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया है कि इन हथियारों को दिल्ली पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी वारदात के लिए किया जाना था या स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी साजिश को अंजाम देने की योजना थी।

चंडीगढ़। अमृतसर देहात पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई हथियारों की खेप के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आकाशबीर काशी, जोबन सिंह और भैणी राजपूता निवासी एक नाबालिग के रूप में हुई है। इनके कब्जे से दो एके-47 राइफलें, दो लाइट मशीन गन (एलएमजी), दो हैंड ग्रेनेड तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तान स्थित हैंडलरों ने ड्रोन के माध्यम से हथियारों की एक बड़ी खेप गिराई है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल विशेष अभियान चलाया और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया है कि इन हथियारों को दिल्ली पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी वारदात के लिए किया जाना था या स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी साजिश को अंजाम देने की योजना थी।

जांच एजेंसियां आरोपितों के पाकिस्तान स्थित विदेशी हैंडलरों, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने वाले तस्करी नेटवर्क और भारत में सक्रिय उनके अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना जांच का मुख्य उद्देश्य है। एसएसपी ने बताया कि इससे पहले भी इसी मॉड्यूल से जुड़े कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके कब्जे से मशीन गन, पिस्तौल और अन्य आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि सीमा पार बैठे हैंडलर ड्रोन के माध्यम से हथियारों की खेप भारतीय सीमा में गिराते थे, जिन्हें स्थानीय नेटवर्क के सदस्य उठाकर आगे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते थे। पुलिस अब आरोपितों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई अहम बिंदुओं पर जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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