अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इस मामले में इतनी जल्दी क्यों है? क्या बाद में सुनवाई होने से कोई आसमान टूट जाएगा। कोर्ट ने ग्रीष्मकालीन अवकाश का हवाला दिया और कहा कि नियमित सुनवाई अवकाश समाप्त होने के बाद ही संभव होगी। इस लिहाज से मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है। यह याचिका अधिवक्ता अनूप अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन और मंदिर में आए चढ़ावे के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं।
मामले में सीबीआई से जांच कराने की मांग
याचिका में सीबीआई से मामले की जांच कराने की भी मांग की गई है।याचिका में मांग कि गई है कि मामले की जांच CBI अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए, जिससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया है।सीबीआई जांच या एफआईआर दर्ज करने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।
पुलिस ने चंपत राय से की पुछताछ
पुलिस ने इस्तीफा दे चुके राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की। इस दौरान चंपत राय ने दावा किया कि उन्हें चढ़ावा चोरी की कोई जानकारी नहीं थी। अब अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों से भी पुलिस पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। अयोध्या पुलिस ने मुख्य शिकायतकर्ता के भी बयान दर्ज कर लिए हैं। बता दें एसआईटी ने अभी तक तक़रीबन 150 लोगों से पूछताछ की है।
7 आरोपियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी
इस मामले में पुलिस ने रविवार को आठ में से सात आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस दौरान आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त किया और 80 लाख रुपए भी बरामद किए गए थे। पुलिस इनकी जांच कर संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। साथ ही घरों से कुछ सोने-चांदी के गहने, सिक्के और नकदी भी बरामद की है। लगातार कार्रवाई के बीच पुलिस ने घर और अन्य ठिकानों पर मिले परिजनों से कई-कई घंटे पूछताछ की। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र, करुणेश पांडेय के परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई।




