प्रधानमंत्री ने देश को होली की शुभकामनाएं दीं; संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने होली के अवसर पर देश के लोगों को दिल से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि रंगों और खुशियों का यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि होली का त्योहार पूरे वातावरण को नई ऊर्जा से भर देता है, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के दौरान हर जगह दिखाई देने वाले खुशियों के चमकीले रंग सभी को खुशी और उत्सव की भावना में सराबोर कर देते हैं।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया-

उद्भिन्नस्तबकावतंससुभगाः प्रे खन्मरुन्नर्तिताः

पुष्पोद्गीर्णपरागपांशुललसत्पत्रप्रकाण्ड त्विषः।

गम्भीरक्रमपञ्चमोन्मदपिकध्वानोच्छलद्गीतयः

प्रत्युज्जीवितमन्मथोत्सव इव क्रीडन्त्यमू भूरुहः॥

सुभाषितम् बताता है कि वसंत की हवा के मनोरम नृत्य के अंतर्गत खिलने वाले, जीवंत रंगों और सुगंध से सुशोभित होने वाले सुंदर कमल के फूलों की तरह, यह प्रेम का शानदार उत्सव उल्लासपूर्वक फलता-फूलता है, जो जीवन को जागृत करने वाली आनंदमय धुनों से भरा होता है।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“सभी देशवासियों को होली की अनंत शुभकामनाएं। रंग और उमंग से भरा यह त्योहार सबके लिए खुशियों की बहार लेकर आए। हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो, यही कामना है।”

“होली का त्योहार पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर देता है। यही इस उत्सव की बड़ी विशेषता है। हर तरफ जिस प्रकार खुशियों के रंग बिखरे नजर आते हैं, वो हर किसी को उल्लास और आनंद से सराबोर कर जाता है।

उद्भिन्नस्तबकावतंससुभगाः प्रे खन्मरुन्नर्तिताः

पुष्पोद्गीर्णपरागपांशुललसत्पत्रप्रकाण्ड त्विषः।

गम्भीरक्रमपञ्चमोन्मदपिकध्वानोच्छलद्गीतयः

प्रत्युज्जीवितमन्मथोत्सव इव क्रीडन्त्यमू भूरुहः॥”

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