KIWG 2026: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आज से ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026’ का आगाज हो गया। पहले ही दिन पहाड़ों पर वह रोमांच दिखा जिसकी उम्मीद थी। एक तरफ इंडियन आर्मी ने पदकों की झड़ी लगा दी, तो दूसरी तरफ एक ऐसी जीत हुई जिसने सबकी आंखों में आंसू ला दिए।
किस्सा काजल का: पिता के नाम ‘स्वर्ण’ समर्पण
दिन की सबसे बड़ी खबर CRPF की काजल कुमारी राय रहीं। 15 किलोमीटर की नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री) में काजल ने सबको चौंकाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने इस खेल की ‘हॉट फेवरेट’ और पिछली बार की हैट्रिक विनर भवानी थेकडा को पीछे छोड़ दिया।
जीत के बाद मेघालय में जन्मीं काजल फूट-फूट कर रो पड़ीं। उन्होंने अपना यह मेडल अपने पिता को समर्पित किया, जिनका पिछले साल फरवरी में निधन हो गया था। काजल ने साबित कर दिया कि जब इरादों में दम हो, तो पहाड़ भी रास्ता दे देते हैं।
आर्मी का ‘क्लीन स्वीप’ और हिमाचल की ‘ठाकुर सिस्टर्स’
आर्मी ने पहले ही दिन 5 में से 3 गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत साबित की। सनी सिंह ने दिन का पहला गोल्ड जीता, जबकि स्नोबोर्डिंग में विवेक राणा और जायंट स्लैलम में मयंक पंवार ने बाजी मारी।वहीं, हिमाचल की ‘पोस्टर गर्ल’ आंचल ठाकुर के लिए दिन थोड़ा फीका रहा। उन्हें उनकी ही साथी संध्या ठाकुर ने बेहद करीबी मुकाबले में मात देकर गोल्ड जीता। कर्नाटक की 17 साल की उभरती सितारा जिया आर्यन ने भी ब्रोंज जीतकर भविष्य की उम्मीदें जगा दी हैं।
उमर अब्दुल्ला का ‘आर्टिफिशियल’ विजन और उपराज्यपाल की प्रेरणा
उद्घाटन समारोह में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बड़ी चिंता जाहिर की। गुलमर्ग में पड़ती गर्मी और पिघलती बर्फ को देखते हुए उन्होंने ‘आर्टिफिशियल स्नो’ (कृत्रिम बर्फ) बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, “हमें अब सिर्फ कुदरती बर्फ के भरोसे नहीं रहना चाहिए, अगर गुलमर्ग को ग्लोबल स्की डेस्टिनेशन बनाना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर बदलना होगा।”
वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने खिलाड़ियों में जोश भरते हुए कहा कि यह गेम्स ‘नेशनल इंटीग्रेशन’ का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने एथलीट्स को अमेरिकी दिग्गज मिकेला शिफ्रिन और भारत के अपने हीरो आरिफ खान से प्रेरणा लेने को कहा।
Day 1: मेडल टैली (Main Results)
| इवेंट | गोल्ड (Gold) | सिल्वर (Silver) | ब्रोंज (Bronze) |
| नॉर्डिक (पुरुष) | सनी सिंह (Army) | शुभम परिहार (Army) | मंजीत (Army) |
| नॉर्डिक (महिला) | काजल कुमारी (CRPF) | रेनू दानू (CRPF) | भवानी (Karnataka) |
| स्नोबोर्डिंग | विवेक राणा (Army) | कुलविंदर शर्मा (Army) | विकार अहमद (J&K) |
| अल्पाइन (महिला) | संध्या ठाकुर (HP) | आंचल ठाकुर (HP) | जिया आर्यन (Karnataka) |
गुलमर्ग में खिलाड़ियों का जोश बता रहा है कि भारत अब विंटर स्पोर्ट्स में सिर्फ ‘पार्टिसिपेंट’ बनकर नहीं रहेगा। काजल जैसी कहानियाँ और आर्मी जैसा अनुशासन ही हमें ओलंपिक के पोडियम तक ले जाएगा।




