राजा रघुवंशी हत्याकांड की यादें अभी धुंधली भी नहीं पड़ी थीं कि श्रीगंगानगर से आई इस खबर ने हर किसी को सन्न कर दिया…यहां शादी के महज़ तीन महीने बाद एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली….यह कोई हादसा नहीं था,बल्कि भरोसे की आड़ में रची गई…एक खौफनाक प्लानिंग थी….कैसे एक नवविवाहिता ने पति को मौत के रास्ते पर ले गया

फिर से वही दोहराया गया..जो कुछ महीने पहले मुस्कान,सोनम ने किया…ठीक उसी तरह से पहले शादी करना फिर ..हत्या की साजिश..पुलिस के मुताबिक 23 साल की अंजलि लंबे समय से संजय नाम के युवक से प्रेम संबंध में थी….परिवार की मर्जी के आगे झुकते हुए 30 अक्टूबर 2025 को उसकी शादी27 साल के शिक्षक आशीष कुमार से कर दी गई….शादी के बाद भी अंजलि का प्रेम प्रसंग खत्म नहीं हुआ…16 दिन पहले वह मायके गई..और वहीं अपने प्रेमी से गुपचुप मुलाकात की…यहीं रची गई हत्या की पूरी साजिश…30 जनवरी की रात…अंजलि ने पति को टहलने के बहाने घर से बाहर निकाला…..सुनसान सड़क पर पहले से घात लगाए…प्रेमी संजय और उसके दो साथी मौजूद थे….लकड़ी से सिर पर वार…और जब इतना काफी नहीं हुआ…तो मफलर से गला घोंटकर…आशीष की जान ले ली गई…हत्या के बाद इसे लूट या हादसा दिखाने की कोशिश हुई

लेकिन पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल्स ने पूरा सच उजागर कर दिया….बस इसके बाद सामने आया कि जिस रिश्ते की बुनियाद भरोसे पर टिकी थी,वही भरोसा इस कत्ल का सबसे बड़ा हथियार बन गया….इस सनसनीखेज हत्याकांड में पत्नी, उसका प्रेमी और दो अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं…सवाल ये है कि क्या मजबूरी में की गई शादियां ऐसे ही खतरनाक अंजाम तक पहुंच रही हैं?और कब तक रिश्तों की आड़ में ऐसे जुर्म होते रहेंगे?…

आज सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं है,..सवाल उस सोच का है…जहां रिश्ते बोझ बन जाते हैं….और भरोसा कत्ल का हथियार।जिस पति ने साथ निभाने की कसम खाई,उसी को रास्ते से हटाने की प्लानिंग अपनों के बीच बैठकर की गई….यह कत्ल अचानक नहीं था,यह प्यार, झूठ और धोखे से लिखा गया…एक ठंडे दिमाग का स्क्रिप्टेड मर्डर था।जब शादी समझौता बन जाए…और प्यार साजिश,तो घर नहीं…कब्रिस्तान तैयार होते हैं।



