भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का रोमांच अब वडोदरा से शिफ्ट होकर राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम पहुँच चुका है। टीम इंडिया ने पहले मैच में 4 विकेट से जीत दर्ज कर 1-0 की बढ़त तो बना ली है, लेकिन बुधवार को होने वाला दूसरा मुकाबला भारत के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। राजकोट का इतिहास कुछ ऐसा है जो कप्तान शुभमन गिल और कोच की नींद उड़ा सकता है।
राजकोट का ‘अनलकी’ मैदान: 4 मैच, 3 हार
भले ही भारतीय टीम फॉर्म में हो, लेकिन राजकोट के इस मैदान पर आंकड़े भारत के पक्ष में नहीं हैं।
- अब तक यहाँ खेले गए 4 मैचों में से भारत को 3 में हार का सामना करना पड़ा है।
- दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों हार लक्ष्य का पीछा (Run Chase) करते हुए मिली हैं।
- भारत को यहाँ एकमात्र जीत 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी, जब टीम ने पहले बल्लेबाजी की थी।
ऐसे में टॉस की भूमिका अहम होगी। क्या भारत टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला करेगा?
स्क्वाड में बड़ा बदलाव: आयुष बडोनी की एंट्री
दूसरे वनडे से पहले भारतीय खेमे से एक बड़ी खबर आई है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह दिल्ली के युवा सनसनी आयुष बडोनी को पहली बार टीम इंडिया में शामिल किया गया है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि बडोनी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मिडिल ऑर्डर को और मजबूती देंगे।
वहीं गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को मौका मिल सकता है, जो राजकोट की सपाट पिच पर अपनी डेथ ओवर बॉलिंग से फर्क पैदा कर सकते हैं।
संभावित प्लेइंग 11 (Probable XI):
रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवीन्द्र जड़ेजा, आयुष बदोनी, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह/प्रसिद्ध कृष्णा।
न्यूजीलैंड का पलटवार संभव
भले ही कीवी टीम केन विलियमसन और मैट हेनरी जैसे दिग्गजों के बिना खेल रही है, लेकिन पहले वनडे में उन्होंने दिखा दिया कि उन्हें कम आंकना गलती होगी। अगर विराट कोहली की वो 93 रनों की जादुई पारी न होती, तो कहानी कुछ और हो सकती थी। कीवी टीम दूसरे मैच में अपनी फील्डिंग सुधार कर सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी।




