
दिल्ली में एक बार फिर हवा की हालत बेहद खराब हो गई है। रविवार की सुबह राजधानी के लगभग हर इलाके में मोटी धुएं की चादर नजर आई। लोगों को लग रहा है कि जैसे हर दिन प्रदूषण की धुंध और ज्यादा बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि सुबह बाहर निकलते ही सांस लेना तक मुश्किल महसूस हो रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, आज सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 381 दर्ज हुआ, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। कई जगहों पर स्थिति इससे भी ज्यादा चिंताजनक दिखी। बवाना में AQI 435 रहा, जो ‘गंभीर’ स्तर है। आनंद विहार में 429, पंजाबी बाग में 411, पटपड़गंज में 401, जबकि चांदनी चौक, आरके पुरम, ITO, पूसा और द्वारका के कई सेक्टरों में AQI 360 से 397 के बीच रहा। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर भी हवा का स्तर 388 दर्ज किया गया।
दिल्ली में हवा में मौजूद प्रदूषण की यह परत साफ दिखाई दे रही है, और इससे महिलाओं, बुजुर्गों और खासकर छोटे बच्चों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी नवंबर-दिसंबर में प्रदूषण फिर चरम पर पहुंच गया है। सरकार की तरफ से कई दावे होते हैं, लेकिन जमीन पर राहत नजर नहीं आ रही है।
फिलहाल दिल्ली में GRAP-3 लागू है, फिर भी हवा की क्वालिटी में सुधार नहीं हो रहा। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बाहर निकलते समय लोग N95 मास्क जरूर पहनें। सुबह-सुबह रनिंग या वॉक से बचने की भी अपील की गई है। प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी भी जारी की है, ताकि हालात को थोड़ा संतुलित किया जा सके।




