
Report By : साक्षी ऐवाले
संभल में हरिहर मंदिर प्रकोटे की परिक्रमा के ऐलान के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई है कि हर मुख्य रास्ते पर पुलिस की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है। PAC और RRF के 200 से ज्यादा जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 8 थानों की पुलिस और 4 CO पूरे रूट पर सुरक्षा संभालेंगे।
निगरानी के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं। सत्यव्रत पुलिस चौकी पर बने कंट्रोल रूम से 100 मीटर ऊंचाई से ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। शहर में 400 से भी अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा सके। धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले तीनों रास्तों पर बैरियर लगा दिए गए हैं और पुलिस बल तैनात है।
पदयात्रा मां कैलादेवी धाम से शुरू होकर विवादित स्थल तक पहुंचेगी, जहाँ हरिहर मंदिर प्रकोटे की परिक्रमा की जाएगी। धाम से विवादित स्थल तक लगभग 22 किलोमीटर का सफर है। यात्रा पहले वाहनों से मोतीनगर (थाना हयातनगर क्षेत्र) तक जाएगी, जिसके बाद साधु-संतों के नेतृत्व में करीब ढाई किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होगी।
मां कैलादेवी धाम के महंत ऋषिराज गिरी ने यह परिक्रमा करने का ऐलान किया है। वहीं, दूसरी ओर जामा मस्जिद की इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने इसे गलत बताते हुए कहा है कि यह नई परंपरा शुरू की जा रही है और मस्जिद में कभी परिक्रमा नहीं हुई। उनका कहना है कि इस पदयात्रा को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
इधर, डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने साफ किया है कि पदयात्रा की अनुमति पर अंतिम फैसला 19 नवंबर को लिया जाएगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा को लेकर किसी तरह की ढील नहीं दी जा रही है।




