Rohan Khaunte ने Goa विधानसभा के बजट सत्र में घोषणा की कि राज्य की गोवा AI और डीप-टेक नीति अगले 100 दिनों के भीतर अधिसूचित की जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार मंत्री खौंटे ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक गोवा का हर तकनीकी स्नातक AI-Ready बने और राज्य में स्थानीय प्रतिभा के माध्यम से स्वदेशी AI समाधान विकसित हों।
मंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 की ओर बढ़ रही है, जहाँ मशीनें इंसानों की जगह नहीं लेंगी बल्कि उनके साथ मिलकर काम करेंगी। उनके अनुसार, “AI मानव निर्णय-क्षमता, रचनात्मकता और कौशल को मजबूत करेगा, जबकि इंसान केंद्र में रहेगा।”
खौंटे ने बताया कि गोवा की डिजिटल आधारभूत संरचना पहले से ही मजबूत है। राज्य का GoaOnline Portal 41 विभागों की 280 सेवाएँ प्रदान कर रहा है, जिसके 9.1 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और अब तक 19.9 लाख से अधिक लेन-देन हो चुके हैं। इसी प्लेटफॉर्म पर हाल ही में AI-संचालित चैटबॉट भी शुरू किया गया है।
सरकार के Goa AI Mission 2027 के तहत चार प्रमुख स्तंभों—स्किलिंग, स्टार्टअप्स एवं कंपनियाँ, पूंजी और शासन व इंफ्रास्ट्रक्चर—पर काम किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में AI विषय शुरू करने, AI लैब स्थापित करने और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की योजना है। अध्ययन सामग्री कोंकणी, मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार AI शिक्षा और शोध को मजबूत करने के लिए Indian Institute of Technology Goa, National Institute of Technology Goa, BITS Pilani Goa Campus, Goa Engineering College और Goa Institute of Management जैसे संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है।
इसके अलावा सरकार Bhashini के साथ मिलकर कोंकणी LLM (लार्ज लैंग्वेज मॉडल) विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि नागरिक अपनी स्थानीय भाषा में सरकारी सेवाओं तक पहुँच सकें।
सरकार AI Kosh पहल के तहत विभिन्न सरकारी विभागों के डेटा को जिम्मेदारी से उपलब्ध कराने और AI Readiness Index तैयार करने पर भी काम कर रही है, जिससे यह आकलन किया जा सके कि कौन-सा विभाग AI अपनाने के लिए कितना तैयार है।
भविष्य की योजनाओं में गोवा में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना भी शामिल है। स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सार्वजनिक सेवाओं में AI के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही Chips to Startup Programme और 5G उपयोग-केस लैब जैसे कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को नई तकनीकों पर काम करने का अवसर दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि आगामी गोवा AI नीति इन सभी पहलों को एक साथ जोड़कर राज्य में शिक्षा, उद्योग, शासन और शोध के क्षेत्र में AI के विकास का मार्गदर्शन करेगी। इसका उद्देश्य गोवा के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करना और राज्य को देश में AI और डीप-टेक का केंद्र बनाना है।




