
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रतिरोध मार्च निकाला। जीपीओ गोलंबर से बुद्ध स्मृति पार्क तक निकाले गए इस मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मार्च के दौरान पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सरकार को फायदा पहुंचाने का काम किया है। यादव ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों को प्रभावित किए जाने का भी आरोप लगाया।
चुनाव प्रक्रिया की जांच और दोबारा मतदान की मांग
पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव में गड़बड़ी साबित होती है, तो संबंधित चुनाव रद्द कर दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
यादव ने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार से मांगें मनवाने के लिए लगातार संघर्ष करना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
संयुक्त किसान मोर्चा के इस प्रतिरोध मार्च में SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विरोध जताया गया। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी नतीजों को प्रभावित करने संबंधी दावे पूर्व विधायक के आरोप हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।



