पटना के गांधी मैदान में रावण दहन की तैयारियां पूरी, 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन

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पटना के गांधी मैदान में रावण दहन की तैयारियां पूरी, 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
पटना के गांधी मैदान में रावण दहन की तैयारियां पूरी, 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन
रिपोर्टर : पटना – संजय कुमार

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य रावण वध एवं दहन समारोह का आयोजन 20 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार 90 फीट ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। आयोजन को लेकर दशहरा समिति और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं।

रावण 90, मेघनाथ 85 और कुंभकरण का पुतला 80 फीट ऊंचा

इस वर्ष गांधी मैदान में रावण का पुतला 90 फीट ऊंचा बनाया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 10 फीट अधिक है। वहीं, मेघनाथ का पुतला 85 फीट और कुंभकरण का पुतला 80 फीट ऊंचा होगा। आयोजन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रदूषण मुक्त आतिशबाजी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।

विजयादशमी पर होने वाले इस भव्य आयोजन को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार भी दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

सुरक्षा के लिए 128 सीसीटीवी कैमरे, 13 वॉच टावर

समारोह में संभावित भीड़ को देखते हुए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। निगरानी के लिए 128 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि 13 वॉच टावर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्थायी कंट्रोल रूम और पुलिस थाना भी स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है, ताकि समारोह में शामिल होने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

1955 में हुई थी परंपरा की शुरुआत, 71वें वर्ष में पहुंचा आयोजन

पटना के गांधी मैदान में रावण दहन की परंपरा करीब सात दशक पुरानी है। आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार के अनुसार, इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1955 में हुई थी। पाकिस्तान के लाहौर के गुजरांवाला गांव से पटना आए बख्शी राम ने अपने भाइयों और सहयोगियों के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की थी।

शुरुआत में गया के एक मुस्लिम कारीगर ने 40 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया था। इसी दौरान श्री दशहरा समिति ट्रस्ट का गठन भी किया गया। वर्ष 1962, 1965, 1971 और 1975 को छोड़कर गांधी मैदान में हर साल पुतला दहन का आयोजन होता रहा है। वर्ष 2026 में यह परंपरा अपने 71वें वर्ष में पहुंच गई है।

आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है रावण दहन

समिति के अध्यक्ष कमल मणि ने बताया कि गांधी मैदान का रावण वध समारोह केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की आस्था, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पटना के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है।

इस वर्ष समारोह में बिहार के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव तथा विभिन्न विभागों के मंत्री और अधिकारी भी शामिल होंगे।

खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी पहली बार गांधी मैदान के रावण दहन कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ऐसे में इस बार का आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में रहेगा।

गांधी मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, मेघनाथ और कुंभकरण के विशाल पुतलों के साथ, विजयादशमी के उत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि बेहतर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच लोग इस पारंपरिक आयोजन का आनंद ले सकेंगे।

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