धनतेरस और दिवाली से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी

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धनतेरस और दिवाली से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी
धनतेरस और दिवाली से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी

धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। घरेलू बाजार में 23 अक्टूबर 2026 को दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोने और चांदी के भाव में आई इस नरमी से त्योहारों के दौरान खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह अहम खबर है, जो धनतेरस पर सोना खरीदने या दिवाली और शादी के लिए गहने बनवाने की योजना बना रहे हैं।

सोने और चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट आई?

23 अक्टूबर 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 0.61 प्रतिशत गिरकर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। वहीं, चांदी के भाव में सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमत 1.93 प्रतिशत टूटकर 1,96,510 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

दोनों धातुओं के भाव में आई गिरावट ऐसे समय पर हुई है, जब देशभर में त्योहारी खरीदारी की तैयारी तेज हो रही है। भारत में धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दौरान आभूषणों के साथ-साथ सोने के सिक्के, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती धातुओं से बनी वस्तुओं की मांग भी बढ़ जाती है।

हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अभी भी महंगी धातुएं बनी हुई हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ग्राहकों के लिए ताजा भाव की जानकारी लेना और अपने बजट के अनुसार फैसला करना जरूरी है।

धनतेरस और दिवाली पर खरीदारी करने वालों को क्या होगा फायदा?

धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर बाजार में काफी उत्साह रहता है। कई परिवार इस अवसर पर नए आभूषण खरीदते हैं, जबकि कुछ लोग निवेश के उद्देश्य से सोने के सिक्के या अन्य उत्पाद खरीदना पसंद करते हैं। ऐसे में कीमतों में गिरावट खरीदारों के लिए राहत का मौका बन सकती है।

सोने की कीमत में गिरावट से गहने खरीदने वाले ग्राहकों को कुछ बचत हो सकती है। इसी तरह, चांदी के भाव में अपेक्षाकृत ज्यादा गिरावट से चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य वस्तुएं खरीदने वालों को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, वास्तविक खरीद मूल्य कई बातों पर निर्भर करता है। आभूषण खरीदते समय सोने की शुद्धता, गहने का वजन, मेकिंग चार्ज, लागू कर और दुकानदार की कीमतों को ध्यान में रखना चाहिए। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां कीमतों में अंतर भी हो सकता है।

ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में ताजा भाव की जानकारी लें और आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क तथा बिल जरूर जांचें।

चांदी की कीमत में सोने से ज्यादा गिरावट

शुक्रवार को कारोबार के दौरान चांदी की कीमत में 1.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोने का भाव 0.61 प्रतिशत नीचे आया। इस तरह प्रतिशत के लिहाज से चांदी में सोने की तुलना में अधिक गिरावट दर्ज की गई।

सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों की उम्मीदें और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक होते हैं। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल आभूषणों के अलावा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।

हालांकि, किसी एक दिन की गिरावट से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे ही रहेंगी। बाजार में तेजी या गिरावट का रुख बदल सकता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर बाजार की नजर

सोने और चांदी की कीमतों में आगे किस दिशा में बदलाव होगा, इसे लेकर अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर है। इस बैठक में ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर मिलने वाले संकेत कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।

आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने जैसी ऐसी संपत्तियों को समर्थन मिल सकता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसके विपरीत, ब्याज दरें ऊंची बने रहने या डॉलर मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया कई अन्य आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।

निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों, महंगाई के रुझान और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर भी नजर रखेंगे। इन संकेतों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें किस दिशा में जा रही हैं।

क्या आगे और सस्ता होगा सोना-चांदी?

त्योहारी सीजन में कीमतों में आई मौजूदा गिरावट के बाद खरीदारों के मन में सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में सोना और चांदी और सस्ते हो सकते हैं। फिलहाल, केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर कीमतों की अगली चाल का निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों से जुड़े फैसले, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। चांदी के मामले में औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जो ग्राहक धनतेरस या दिवाली पर खरीदारी करना चाहते हैं, वे बाजार के ताजा भाव की तुलना कर सकते हैं। वहीं, निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को केवल छोटी अवधि की कीमतों में बदलाव के आधार पर फैसला लेने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।

खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • ताजा भाव जांचें: सोने और चांदी की कीमतें रोज बदल सकती हैं। खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से मौजूदा भाव की पुष्टि करें।
  • शुद्धता पर ध्यान दें: सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क और कैरेट की जानकारी जरूर जांचें।
  • अंतिम बिल समझें: मेकिंग चार्ज, लागू कर और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत बाजार भाव से अलग हो सकती है।
  • वजन और कीमत की तुलना करें: अलग-अलग दुकानों पर कीमत और मेकिंग चार्ज की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।
  • निवेश सोच-समझकर करें: कीमतों में गिरावट के बावजूद भविष्य में और गिरावट या तेजी की गारंटी नहीं होती।

कुल मिलाकर, धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारी करने वालों को कुछ राहत दी है। 23 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,96,510 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से मिलने वाले संकेतों पर है, जो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

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