तमिलनाडु जल्द लागू करेगा एवीजीसी-एक्सआर (AVGC-XR) नीति — प्रतिभा विकास और उद्योग वृद्धि को मिलेगा बढ़ावा

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न्यूज डेस्क, राष्ट्र टीवी, गोवा Report by: विनय भट

तमिलनाडु सरकार राज्य के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) उद्योग को विकसित करने के उद्देश्य से एक नई नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। यह नीति आईटी विभाग द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है और अब वित्त विभाग की मंजूरी का इंतज़ार कर रही है।
आईटी मंत्री पलानीवेल थियागा राजन के अनुसार, इस नीति का मुख्य फोकस केवल प्रोत्साहन (incentives) देने पर नहीं, बल्कि प्रतिभा और व्यवसाय के लिए एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) तैयार करने पर होगा।

राष्ट्र टीवी से बातचीत में आईटी मंत्री पलानीवेल थियागा राजन ने बताया कि तमिलनाडु सरकार राज्य के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) उद्योग को विकसित करने के उद्देश्य से एक नई नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। यह नीति आईटी विभाग द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है और अब वित्त विभाग की मंजूरी का इंतज़ार कर रही है।

मंत्री ने बताया कि आगामी एवीजीसी-एक्सआर नीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी — शिक्षा और कौशल विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और साझा संसाधन, व्यवसायिक माहौल में सुधार, और वित्तीय प्रोत्साहन।
यह ढांचा राज्य में रचनात्मक तकनीकी क्षेत्र के लिए एक मजबूत नींव तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है, जिसमें स्कूल और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में एनीमेशन और गेमिंग मॉड्यूल शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया है।

नीति के तहत एक समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्टअप्स और स्टूडियो के लिए साझा-लाइसेंस सुविधाएं, तथा उद्योग अनुमोदन को सरल बनाने के लिए एक फसिलिटेशन सेल की स्थापना का भी प्रस्ताव है।

राजन ने कहा कि हालांकि एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्र अत्यंत रचनात्मक और उच्च-लाभ वाला है, लेकिन इसमें रोजगार सृजन की दर अपेक्षाकृत कम है। यह नीति कार्यबल में रचनात्मक और तकनीकी दोनों क्षमताओं को विकसित कर इस अंतर को पाटने का प्रयास करेगी।

राज्य सरकार ने इस पहल को सशक्त बनाने के लिए प्रमुख गेमिंग और एनीमेशन कंपनियों के साथ साझेदारी की है। आईजीडीसी (IGDC) के दौरान तमिलनाडु सरकार ने नज़ारा टेक्नोलॉजीज, लक्ष्या डिजिटल और रिलायंस गेम्स जैसी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, ताकि युवाओं में डिजिटल विकास और कौशल वृद्धि को प्रोत्साहन दिया जा सके।

राजन ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु में पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या में 600 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिनमें लगभग आधी महिला उद्यमियों द्वारा संचालित हैं। यह परिवर्तन बड़े नियोक्ता-आधारित मॉडल से हटकर स्टार्टअप-आधारित नवाचार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्य की यह नीति पारंपरिक नीतियों से अलग है क्योंकि यह सब्सिडी पर निर्भर रहने के बजाय मानव संसाधन और सक्षम माहौल के निर्माण पर केंद्रित है।

वर्तमान में यह नीति राज्य के वित्त विभाग की अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है और जल्द ही औपचारिक रूप से लॉन्च की जाएगी।
चेन्नई में पहली बार IGDC की मेजबानी तमिलनाडु की उस महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, जिसके तहत वह खुद को राष्ट्रीय एवीजीसी-एक्सआर उद्योग केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ऑनलाइन गेमिंग के लिए सिद्धांत-आधारित नियामक दृष्टिकोण को भी अपनाने जा रही है, जो प्रतिबंधात्मक उपायों से आगे बढ़कर उत्तरदायी नवाचार को प्रोत्साहन देने वाले शासन पर केंद्रित होगा।

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