संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश किए, जिनमें महिलाओं के लिए आरक्षण, परिसीमन (Delimitation) और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानून शामिल हैं। इसी दौरान केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने घोषणा की कि सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 815 हो जाएंगी, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
यह कदम महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने और लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि सीटों की संख्या बढ़ाने से मौजूदा राजनीतिक संतुलन पर बड़ा असर डाले बिना महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जा सकेगा।
विशेष सत्र, जो बजट सत्र के विस्तार के रूप में अगले तीन दिनों तक चलेगा, में परिसीमन विधेयक भी पेश किया गया है। इसके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव है। हालांकि दक्षिणी राज्यों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण के प्रभावी उपाय अपनाने वाले राज्यों को सीटों के पुनर्वितरण में नुकसान हो सकता है।
वहीं, विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए सरकार पर बिल को जल्दबाजी में लाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में संघीय ढांचे और राज्यों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर संसद में जोरदार बहस होने की संभावना है।




