Khelo India Winter Games 2026: गुलमर्ग की बर्फीली चोटियों पर जब सर्द हवाएं चलती हैं, तो अक्सर लोग घरों में दुबक जाते हैं। लेकिन इसी बर्फ पर तीन युवा—साहिल ठाकुर, सैयद जैन और फैजान अहमद लोन—अपनी स्की पर सवार होकर इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं। ये सिर्फ एथलीट नहीं हैं, ये उस भरोसे के ध्वजवाहक हैं जो भारत अब विंटर स्पोर्ट्स पर दिखाने लगा है।
गुरु ऐसा कि खुद ओलंपिक का गवाह रहा हो
इन तीनों को जो बात खास बनाती है, वो है इनके गुरु—मोहम्मद आरिफ खान। आरिफ खान वो नाम है जिन्होंने विंटर ओलंपिक में दो बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इटली के सुदतिरोल में कड़ी ट्रेनिंग के बाद, ये तिकड़ी अब यूरोपियन तकनीक और भारतीय जज्बे के साथ मैदान में है।
साहिल ठाकुर… विरासत में मिली है बर्फ की रफ्तार
19 साल के साहिल के लिए स्कीइंग कोई नया शौक नहीं, बल्कि खून में है। मनाली के रहने वाले साहिल के पिता और भाई भी स्कीयर रहे हैं। साहिल कहते हैं, “इटली की ट्रेनिंग ने मेरा नजरिया बदल दिया। अब लक्ष्य सिर्फ भाग लेना नहीं, बल्कि 2030 के फ्रेंच आल्प्स विंटर ओलंपिक में तिरंगा लहराना है।”
सैयद जैन… उम्मीदों की नई ढलान
श्रीनगर के हुमहामा से आने वाले सैयद जैन की कहानी संघर्ष और जुनून की है। उन्होंने साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गुलमर्ग की बर्फ भी ओलंपिक का रास्ता बन सकती है। जैन अपनी सफलता का श्रेय शिवा केशवन की विरासत और आरिफ खान के विजन को देते हैं। 2020 खेलो इंडिया में दो स्वर्ण जीतने वाले जैन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने को तैयार हैं।
फैजान अहमद लोन…स्पॉन्सरशिप और कड़ी मेहनत का तालमेल
फैजान जानते हैं कि स्कीइंग एक महंगा खेल है। वह बताते हैं, “आरिफ सर ने सिर्फ कोचिंग नहीं दी, बल्कि स्पॉन्सरशिप दिलाने में भी मदद की।” फैजान ने हार्बिन (चीन) में 2025 विंटर एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और उनकी तकनीक आज की तारीख में सबसे बेहतरीन मानी जा रही है।
भारत में अक्सर क्रिकेट के शोर में विंटर स्पोर्ट्स दब जाते हैं। लेकिन ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स’ और आरिफ खान जैसे मेंटर्स की वजह से अब साहिल, जैन और फैजान जैसे नाम घर-घर पहुंच रहे हैं। ये लड़के सिर्फ ढलान से नीचे नहीं उतर रहे, ये भारतीय खेलों के नए शिखर की ओर चढ़ रहे हैं।




