डबल इंजन का डबल बजट: यूपी इकोनॉमी बूस्ट, निवेश,रोजगार और सुरक्षा का खाका

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये के इस मेगा बजट में विकास, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को केंद्र में रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए दावा किया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है

उत्तर प्रदेश… देश का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य… और अब दावा है कि यह देश की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए कहा कि प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल से 13.4 प्रतिशत ज्यादा है।

सबसे बड़ा दावा— प्रति व्यक्ति आय

2016-17 में जहां प्रति व्यक्ति आय 54 हजार 564 रुपये थी… वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1 लाख 9 हजार 844 रुपये हो गई है… और अगले वित्त वर्ष में इसके 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।सरकार का कहना है कि लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है।रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े आंकड़े पेश किए।दावा है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।2017 से अब तक 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है।मनरेगा के तहत 20 करोड़ से ज्यादा मानव दिवस सृजित किए गए हैं।युवा उद्यमी विकास योजना के तहत हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।निवेश की बात करें तो सरकार ने बताया कि चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे 10 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग हब बताया गया है।देश के 65 प्रतिशत मोबाइल फोन यहीं बन रहे हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44 हजार 744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने प्रदेश को अग्रणी बताया

गेहूं, धान, गन्ना, आलू, आम और मेंथा उत्पादन में यूपी का योगदान सबसे ज्यादा है।सिंचित क्षेत्र बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है और फसल सघनता 193.7 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।ऊर्जा के क्षेत्र में ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 9120 मेगावॉट हो गई है, जबकि 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।महिलाओं के लिए मिशन शक्ति, सेफ सिटी परियोजना और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कदमों को सरकार ने अपनी प्राथमिकता बताया।मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है।

कानून व्यवस्था पर भी सरकार ने सख्त रुख का दावा किया

2016 की तुलना में डकैती में 89 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत और हत्या में 47 प्रतिशत तक कमी आने की बात कही गई।पुलिस और अग्निशमन विभाग के भवनों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।एसडीजी इंडिया इंडेक्स में प्रदेश की रैंकिंग 29वें स्थान से सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गई है।
नीति आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में लैंड-लॉक्ड राज्यों में यूपी पहले स्थान पर रहा है।सरकार का संदेश साफ है— विकास, निवेश और कानून व्यवस्था के दम पर उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाना।बजट बड़े दावों के साथ पेश हो चुका है…अब निगाहें इस बात पर होंगी कि ये वादे कितनी तेजी से हकीकत में बदलते हैं।

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