पंजाब के तरन तारन से एक ऐसी वारदात जिसने शिक्षा के मंदिर को खून से सना दिया…जहां कानून की पढ़ाई हो रही थी, वहीं कानून को गोलियों से छलनी कर दिया गया।

पंजाब के तरन तारन से एक ऐसी वारदात जिसने शिक्षा के मंदिर को खून से सना दिया…जहां कानून की पढ़ाई हो रही थी, वहीं कानून को गोलियों से छलनी कर दिया गया। क्लासरूम… छात्र-छात्राएं… और अचानक मौत की एंट्री…यह तस्वीरें पंजाब के तरन तारन जिले स्थित माई भागो लॉ कॉलेज की हैं…..क्लास शुरू हो चुकी थी….छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई में व्यस्त थे….लेकिन तभी क्लासरूम का दरवाज़ा खुलता है…सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि एक छात्र, जिसकी पहचान प्रिंस राज के रूप में हुई है,हाथ में पिस्टल लेकर सीधे क्लास के अंदर दाखिल होता है…वह बिना कुछ कहे अपनी सहपाठी संदीप कौर के पास पहुंचता है…और बेहद नज़दीक से उसके सिर में गोली मार देता है….गोली लगते ही संदीप कौर अपनी सीट पर ही गिर पड़ती है…मौके पर ही उसकी मौत हो जाती है….क्लासरूम में बैठे बाकी छात्र कुछ समझ पाते,इससे पहले ही प्रिंस राज पिस्टल को दोबारा लोड करता है…और खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर लेता है….महज कुछ सेकेंड…और दो ज़िंदगियां खत्म….इसके बाद कॉलेज में मच जाता है हड़कंप…डरे हुए छात्र…क्लासरूम से बाहर भागते नजर आते हैं…पूरा कैंपस चीख-पुकार और दहशत में डूब जाता है….मृत छात्रा संदीप कौर,तरन तारन के नौशहरा पन्नुआ गांव की रहने वाली थी….वहीं आरोपी छात्र प्रिंस राज,गांव मलियां का निवासी बताया जा रहा है…दोनों एक ही कॉलेज में लॉ की पढ़ाई कर रहे थे….
कॉलेज को तुरंत कर दिया गया सील
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे..कॉलेज को तुरंत सील कर दिया गया…फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठा किए….DSP जगबीर सिंह के अनुसार,घटना क्लास शुरू होते ही हुई…दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है…और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है…अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है…आख़िर आरोपी छात्र कॉलेज के अंदर पिस्टल लेकर कैसे पहुंचा?…क्या कॉलेज के गेट पर कोई सुरक्षा जांच नहीं थी?…क्या छात्रों के बैग की रूटीन चेकिंग होती है या नहीं?..पुलिस यह भी जांच कर रही है…कि क्या यह मामला एकतरफा प्यार से जुड़ा था…या फिर दोनों के बीच कोई पुराना विवाद था…परिजनों, सहपाठियों और कॉलेज स्टाफ से पूछताछ जारी है…मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है….इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं…छात्रों और अभिभावकों में डर और आक्रोश का माहौल है….जहां कानून की किताबें खुलनी थीं,वहीं गोलियों ने आख़िरी फैसला सुना दिया….तरन तारन की ये वारदात सिर्फ दो मौतों की खबर नहीं,बल्कि उस सिस्टम पर तमाचा हैजो शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहा….सवाल अब भी कायम है अगर कॉलेज के क्लासरूम सुरक्षित नहीं,तो फिर हमारे बच्चे सुरक्षित कहां हैं?



