कानपुर: रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे शहर के Rev-3 मॉल के पास एक लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार (Shivam Mishra) बेकाबू हो गई और कई राहगीरों और वाहनों से टकरा गई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और आरोपी के व्यवहार ने लोगों के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

हादसे का पूरा मंजर
चश्मदीदों का कहना है कि कार ने पहले एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद एक खड़ी रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल से टकराई, जिससे उसका सवार लगभग 10 फीट हवा में उछल गया। कार ने उसे कुछ दूरी तक घसीटा और बिजली के खंभे से टकराकर रुकी।घायलों में तौफीक अहमद शामिल हैं, जो कई मीटर दूर जा गिरे और उनके पैरों में गंभीर चोटें आईं। अन्य घायल लोगों को फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आईं।

थाने में VIP ट्रीटमेंट और विवाद
हादसे के बाद कार को पुलिस थाने ले जाया गया। लेकिन वहां जो हुआ, उसने लोगों को और हैरान कर दिया। आरोपी की गाड़ी को कवर से ढक दिया गया। उसके पर्सनल बॉडीगार्ड और बाउंसर गाड़ी के पास खड़े रहे, और पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता भी की गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस खुद गाड़ी पर कवर डाल रही थी, जबकि लोग विरोध कर रहे थे।

FIR में नाम गायब: न्याय पर सवाल
वीडियो में आरोपी स्पष्ट रूप से कार से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। लेकिन FIR में उनका नाम शामिल नहीं है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि यह न्याय प्रक्रिया में गंभीर बाधा पैदा कर सकता है और पीड़ितों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है।डीसीपी सेंट्रल, अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच जारी है।



