
अयोध्या आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। इस बड़े कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के बेहद सख्त इंतज़ाम किए गए हैं—कुल 6,970 जवानों की तैनाती, एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर तक अलर्ट पर हैं। पूरा शहर एक तरह से अभेद्य किले में बदल गया है।
पीएम मोदी का कार्यक्रम सुबह 10 बजे सप्तमंदिर से शुरू होगा। यहां वे महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचेंगे और फिर राम दरबार गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगे। पूरा कार्यक्रम धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा हुआ है।
दोपहर में अभिजीत मुहूर्त के दौरान मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। यह ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा होगा। ध्वज पर भगवान श्रीराम की वीरता का प्रतीक चमकता सूरज, कोविदारा पेड़ की आकृति और ‘ॐ’ अंकित होगा। इसे रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक बताया जा रहा है।
मंदिर परिसर की वास्तुकला भी खास है—मुख्य शिखर उत्तर भारतीय नागर शैली में बना है, जबकि करीब 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय शैली को दर्शाता है। मंदिर की दीवारों पर वाल्मीकि रामायण के 87 प्रसंग पत्थरों पर उकेरे गए हैं, और परकोटे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति के 79 सुंदर कांस्य-ढाल वाले दृश्य सजाए गए हैं।
अयोध्या में आज सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपरा और आस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक दिन लिखा जा रहा है।




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