
Report by : साक्षी ऐवाले
गोवा के लिए यह गर्व का पल है, क्योंकि साइबर मुल्ला को गुवाहाटी में होने वाले भारत–दक्षिण अफ्रीका दूसरे टेस्ट मैच के लिए बीसीसीआई ने मैच ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया है। साइबर, जिन्होंने बचपन में गोवा की ओर से U-13, U-14 और U-15 क्रिकेट खेला था, कहते हैं कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे गोवा क्रिकेट समुदाय की जीत है।
साइबर मुल्ला अपने इस सफर का श्रेय अपने पिता अकबर मुल्ला को देते हैं, जो गोवा क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) में ट्रेज़रर, सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट से लेकर बीसीसीआई मार्केटिंग कमेटी के सदस्य तक कई अहम भूमिकाएँ निभा चुके हैं। पिता के साथ रहते हुए ही साइबर ने क्रिकेट प्रशासन में रुचि विकसित की।
समय के साथ साइबर ने अकबर स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष के रूप में काम किया, कई क्लब टूर्नामेंट संभाले और जीसीए के A डिवीजन, B डिवीजन और प्रीमियर लीग टूर्नामेंट्स की आयोजन समितियों में भी सक्रिय रहे। इसी समर्पण के चलते वे बाद में जीसीए के को-ऑप्टेड मेंबर भी बने।
साइबर मुल्ला पांच लोगों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं—उनके पिता अकबर मुल्ला, जीसीए के वरिष्ठ सदस्य चेतन देसाई, विनोद फडकें, पूर्व अध्यक्ष सुराज लोटलिकर और मौजूदा अध्यक्ष महेश देसाई। इन सभी की सीख ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने में बड़ी भूमिका निभाई।
अब बीसीसीआई मैच ऑब्ज़र्वर के रूप में साइबर टेस्ट मैच की पूरी लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल निगरानी करेंगे, ताकि मैच बिना किसी दिक्कत के नियमों के अनुसार हो। उनका मानना है कि यह मौका गोवा के युवा अंपायरों, स्कोरर्स और क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
एक जूनियर खिलाड़ी से राष्ट्रीय स्तर के एडमिनिस्ट्रेटर बनने तक का सफर बताता है कि गोवा सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान दे रहा है। साइबर उम्मीद करते हैं कि उनकी यह उपलब्धि गोवा के युवाओं को क्रिकेट प्रशासन में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।




