
गोवा के डिचोली और मये क्षेत्र में मछली की बिक्री को लेकर स्थानीय विक्रेताओं ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि बाहरी गांवों के कुछ विक्रेता और गैर-गोवावासी कथित तौर पर नियमों के खिलाफ मछली बेच रहे हैं। इससे सरकारी कार्डधारक स्थानीय विक्रेताओं का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से अपने वादे के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है।
सड़कों के किनारे मछली बेचने का आरोप
स्थानीय मछली विक्रेताओं के अनुसार, डिचोली और मये में हर दिन शाम के समय सड़कों के किनारे मछली बेची जाती है। उनका कहना है कि इससे सरकारी कार्डधारक विक्रेताओं को नुकसान हो रहा है।
विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका यह भी दावा है कि जब वे दूसरे विक्रेताओं से इस बारे में सवाल करते हैं, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।
मुख्यमंत्री के वादे पर कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय विक्रेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने विधानसभा में कहा था कि सरकारी कार्डधारक मछली विक्रेताओं को ही मछली बेचने की अनुमति है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने नियमों के खिलाफ मछली बेचने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। हालांकि, विक्रेताओं का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
25 परिवारों की आजीविका पर असर की चिंता
डिचोली और मये क्षेत्र में कुल 25 सरकारी कार्डधारक मछली विक्रेता हैं। इन परिवारों की आजीविका इसी कारोबार पर निर्भर है। स्थानीय विक्रेताओं को आशंका है कि यदि कथित अवैध बिक्री जारी रही, तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय मछली विक्रेताओं ने मांग की है कि बाहरी गांवों के विक्रेता अपने क्षेत्रों में ही मछली बेचें और डिचोली तथा मये में कथित अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।
विक्रेताओं का कहना है कि सरकार को उनकी शिकायत पर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्थानीय कारोबार और उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।




