पैलेट गन पर आर-पार; राहुल गांधी के 6 घंटे चले धरने के बाद अज्ञात पर FIR दर्ज, घायल छात्र की आंख की रोशनी जाने की आशंका

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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का शिकार हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल के मामले में दिल्ली पुलिस ने आखिरकार FIR दर्ज कर ली है. हालांकि, यह मामला किसी नामजद अधिकारी या जवान के बजाय अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है. पीड़ित छात्र का आरोप है कि छर्रे लगने से उसकी दाहिनी आंख की रोशनी लगभग खत्म हो चुकी है. इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे संसद मार्ग थाने पहुंचे और थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. लगभग 6 घंटे चले इस कड़े विरोध के बाद शाम 5:30 बजे पुलिस ने मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद राहुल गांधी पीड़ित छात्र और उनके परिवार के साथ वहां से रवाना हुए.

छर्रे दिखाकर उठाए सवाल

धरने पर बैठने से पहले राहुल गांधी ने मीडिया के सामने छात्र साहिल के शरीर से निकले छर्रे दिखाए. उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट के अनुसार छात्र के शरीर में 200 से अधिक छर्रे फंसे हुए हैं. राहुल ने सवाल उठाया कि जब पैलेट गन चलने के स्पष्ट सबूत मौजूद हैं, तो पुलिस मामला दर्ज करने में देरी क्यों कर रही है.

BNS की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने साहिल की मां की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 125 (लापरवाही से किसी की जान या सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत FIR दर्ज की है.

20 जुलाई की घटना और 14 अगस्त की शिकायत

साहिल 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए NEET-UG पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे. परिजनों का कहना है कि जब वे 14 अगस्त को शिकायत दर्ज कराने कनॉट प्लेस थाने गए, तो पुलिस नेमामला क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर होने का हवाला देकर शिकायत लेने से इनकार कर दिया था. दूसरी तरफ, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए 5 सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं.

राजनीतिक घमासान जारी

जहां कांग्रेस नेता जयराम रमेश और प्रियंका गांधी ने पुलिस प्रशासन पर ऊपर से दबाव होने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा की ओर से जेपी नड्डा और रविशंकर प्रसाद ने इसे राजनीतिक हताशा करार दिया. सत्ता पक्ष का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट की कमेटी पहले से जांच कर रही है, तब इस तरह का प्रदर्शन केवल ध्यान भटकाने का प्रयास है. वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर बरसते हुए कहा- सुप्रीम कोर्ट में केस है, सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया है और क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है… एक पागल होता है और एक बुद्ध-पागल होता है… ये बुद्ध-पागल हैं.

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