रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से हटाईं गईं 70 तस्वीरें,”प्रियंका गांधी ने बताया बेतुका” जाने क्या है पूरा मामला

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रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से हटाईं गईं 70 तस्वीरें,"प्रियंका गांधी ने बताया बेतुका" जाने क्या है पूरा मामला
रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से हटाईं गईं 70 तस्वीरें,"प्रियंका गांधी ने बताया बेतुका" जाने क्या है पूरा मामला
संवाददाता रिया पांडे -दिल्ली

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे एवं फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में लगी फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रेहान वाड्रा का आरोप है कि उनकी प्रदर्शनी से बिना पूर्व सूचना के करीब 70 तस्वीरें हटा दी गईं। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने वाला कदम बताया है। वहीं, उनकी मां प्रियंका गांधी ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

रेहान वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ (No Idea is Final) नाम से अपनी फोटो प्रदर्शनी लगाई है। इसमें पिछले तीन वर्षों के उनके फोटोग्राफिक काम को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में स्ट्रीट फोटोग्राफी, युवाओं के आंदोलनों और दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल हैं। रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी के लिए उन्होंने 15 अक्टूबर को बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ लेआउट साझा किया था और उन्हें इसकी मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि, प्रदर्शनी में लगाई गई तस्वीरों में से करीब 70 को हटाने के लिए कहा गया। रेहान ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 3:30 बजे सूचित किया गया कि यदि शाम 5 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। उनके मुताबिक, प्रबंधन ने इन तस्वीरों को अपनी पॉलिसी के खिलाफ बताया था।

‘तस्वीरों में कोई राजनीतिक नारा नहीं था’

फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने RashtraTv से बातचीत में कहा कि जिन तस्वीरों को हटाया गया, वे मुख्य रूप से पिछले 6-7 महीनों की घटनाओं से जुड़ी थीं। इनमें युवाओं के आंदोलनों और उनके आसपास के माहौल को कैमरे में कैद किया गया था। रेहान ने दावा किया कि उन्होंने तस्वीरों से राजनीतिक नारे हटा दिए थे और इनमें किसी नेता या राजनीतिक दल का प्रचार नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि ये सीधे रैलियों की तस्वीरें नहीं थीं, बल्कि उन घटनाओं के आसपास आम लोगों की भावनाओं और परिस्थितियों को दर्शाती थीं। उन्होंने कहा कि वह प्रबंधन के साथ बैठकर तस्वीरों का चयन करने और जरूरत पड़ने पर कुछ तस्वीरें हटाने के लिए तैयार थे। इसके बावजूद सभी 70 तस्वीरें हटाने को कहा गया। रेहान के मुताबिक, उन्हें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर किन आधारों पर तस्वीरों पर आपत्ति जताई गई।

बीकानेर हाउस को सील करने की बात कहने का दावा

रेहान वाड्रा ने दावा किया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से उन्हें बताया गया था कि यदि तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो परिसर को सील किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे कलाकारों को अपनी कला और विचार प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराएं। रेहान का कहना है कि तस्वीरों को हटाने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने या आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

प्रियंका गांधी ने कार्रवाई को बताया ‘बेतुका’

इस मामले पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्रवाई को बेतुका बताते हुए कहा कि यह युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश है। प्रियंका गांधी के मुताबिक, रेहान की तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के लिए अपमानजनक सामग्री। उनके अनुसार, ये तस्वीरें विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण थीं। उन्होंने कहा, “आज यह कलाकार है, कल कोई और कलाकार होगा।” प्रियंका गांधी ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर तस्वीरों को हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।

प्रदर्शनी जारी, करीब 40 तस्वीरें अब भी मौजूद

तस्वीरें हटाए जाने के विवाद के बावजूद ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ प्रदर्शनी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनी में अभी करीब 40 तस्वीरें लगी हुई हैं, जबकि लगभग 70 तस्वीरें हटा दी गई हैं।

फिलहाल, इस मामले में रेहान वाड्रा और प्रियंका गांधी की ओर से उठाए गए सवाल चर्चा में हैं। तस्वीरों को हटाने के पीछे प्रबंधन की विस्तृत दलील सामने आने के बाद ही विवाद के सभी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

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